Shayari in Hindi (शायरी) love Shayari in hindi (लव शायरी) Romantic Shayari 2019

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नजर और नसीब मैं भी क्या 
इत्तेफाक है यारो नजर 
उसे ही पसन्द  करती है 
जो नसीब मैं नहीं होता 


हम तो तेरे दरबार के वो कैदी है 
जो तुम दरवाजा भी खुला छोड़ 
दोगे तो भी हम फरार नहीं होंगे  



 तड़प के देख किसी की चाहत मैं 
तो पता चले कि इंतजार क्या होता है 
यूँही  मिल जाये कोई बिना तड़पाये 
तो कैसे पता चले प्यार  क्या होता है 



कभी उस इंसान को दर्द मत देना 
जो की तुम्हे दिल से चाहता हो 
वरना  एक दिन दिल तोड़ होगा
मगर इस तरह दिल से चाहने वाला 
इंसान तुम्हारे पास कोई भी नहीं होगा  



जिंदगी गुजर गई सब को खुश 
करने मैं जो खुस हुए 
वोह अपने नहीं थे 
और जो अपने थे 
वह कभी खुश नहीं हुए 



वक्त नूर को बेनूर कर देता है 
छोटे से जख्म को नासूर कर देता है 
कौन कहता है अपने से दूर होना 
लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता है 



वफ़ा के शीश महल मैं सजा लिया मैंने 
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैंने 
ये सोच कर कि  न हो ताक मैं ख़ुशी कोई 
ग़मों कि  ओट मैं खुद को छुपा लिया मैंने 



कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज 
अगर चिराग बुझा, दिल जला लिया मैंने 
कमाल ये है कि  जो दुश्मन पे चलाना था 
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया  मैंने 



टूटे हुए प्याले मैं जाम  नहीं आता 
इश्क़  मैं मरीज को आराम नहीं आता 
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच
तो लिया होता के टुटा हुआ दिल किसी
           के काम नहीं आता 



तेरा दिल उदास क्यों है 
तेरी आँखों मैं प्यास क्यों है 
जो छोड़ गया तुझे मझदार मैं 
उससे मिलने की आस क्यों है 
जो दे गया दर्द जिंदगी भर का 
वही तेरे लिए खास क्यों है 



छू ले आसमान जमीन की तलाश ना कर 
जी ले जिंदगी ख़ुशी की तलाश ना कर 
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त 
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर 


हसरते फूलों सी हम भी दिल मैं रखते है 
दिनभर हस्ते है हसाते है शाम ढले आंसुओ 
 की आगोश मैं सो जाते है  मोहब्बत है मेरी 
इसीलिए दूर है मुझसे अगर जिद होती तो 
शाम तक बहो मैं होती 



बदल जाओ वक्त के साथ 
या फिर वक्त बदलना सीखो 
मजबूरियों को मत कोसो 
हर हल मैं चलना सीखो 


सुना  है आज समंदर को बड़ा 
गुमान आया है उधर ही ले चलो 
कश्ती जहां तूफान आया है 
लिखने हटा कि  खुश है तेरे 
बगैर भी यहाँ हम मगर कमबख्त 
आंसू है कि  कलम से पहले ही चल दिए 


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो 
दिल मेरा था और धड़क रहा था वो 
प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है 
आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो 


अब जानेमन तू तो नहीं शिकव ए गम
 किससे कहें या कप रहें या रो  पड़े 
किस्सा ए गम किससे कहें 


जो दिल के करीब थे वो सबसे दुसमन हो 
गए जमाने मैं हुए चर्चे हम मशहूर हो गए
अब कास मेरे दर्द की कोई दवा न हो 
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल  शिफा न हो 
बागों मैं देखूँ  टूटे हुए बर्ग ओ बार ही 
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो 


सिर्फ एक सफाह पलटकर उसने 
बीती बातों की दुहाई दी है फिर वहीँ 
लौट के  जाना होगा यार ने कैसी 
रिहाई दी है 


बैठे बिठाये हाल-ए-दिल-ए-जार खुल गया 
मैं आज उसके सामने बेकार खुल गया 
जो निगाह-ए-नाज़ का बिस्मिल नहीं है 
वो दिल नहीं है दिल नहीं है दिल नहीं है 
  

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