Sad Hindi Shayari For Top 25+ 2019 Girlfriend and boyfriend | सैड हिंदी शायरी गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के लिए

Share:




रूठने का है हक़ तुम्हे 
वजह बताया कर 
खफा होना गलत 
नहीं 
तू  खता बताया कर 



खता  उनकी भी नहीं नहीं है वो 
भी क्या करते,हजारो चाहने वाले 
थे किस,किस वफ़ा करते,


         सिर्फ 
 तेरी एक निगाह ने
  खरीद लिया हमें  
बड़ा गुरूर था हमें की हम \
बिकते नहीं 


 गतियों से जुदा तू भी नहीं 
मैं भी नहीं दोनों इंसान  है 
खड़ा तू भी नहीं मैं भी नहीं 
तू मुझे और मैं तुझे इल्जाम देते है 
मगर अपने अंदर झांकता 
तू भी नहीं,मैं भी नहीं   


लफ्जो के भी 
 ज़ायके होते है 
परोसने से पहले 
चख लेना चहिये 


गुर्रर को भी कभी 
 इंसान नहीं दीखता 
जैसे  छत  पर चढ़  जाओ तो 
अपना ही माकन माकन  नहीं 
दिखता 



बहुत  मिलेंगे हसीन चेहरे 
दुनिया के इस बाजार मैं 
  वो मुक़द्दर मिलता है 


जिसे,"मैं, की हवा लगी 
उसे फिर ना दवा लगी 
ना दुआ लगी 



छोटी सी जिंदगी  है 
हर बात मैं खुस रहो 
जो चेहरा पास ना हो 
उसकी आवाज मैं खुस रहो 

कोई रूठा हो आपसे 
उसके अंदाज मैं खुस रहो 
जो लौट के नहीं आने वाले 
उनकी आवाज मैं खुस रहो 


मिलता तो बहुत  कुछ है 
इस जिंदगी मैं 
बस गिनती उसी की करते 
है 
जो हासिल ना हो सका 


झुक जाते है जो लोग 
आपके लिए किसी 
हद्द तक वो सिर्फ आपकी 
इज्जत ही नहीं 
आपसे मोहब्बत करते है 


कौन कहता है की हम झूठ
नहीं बोलते एक बार खैरियत 
तो पूछ कर तो देखिये 


हद्द से बढ़ जाये ताल्लुक तो 
गम मिलते है          
हम इसी वास्ते हर शख्स से 
कम मिलते है 


कभी हार मत मानो 
आज कठिन है कल 
और भी बदतर 
लोग लेकिन परसों 
धूप खिलेगी 


मनुष्य  अपने 
विश्राम से निर्मित होता है 
जैसे वो विश्राम करता है 
वैसा वो बन जाता है 

एक शादी सुदा आदमी ने 
कहा है 
मांग भरने की सजा 
कुछ इस कदर पा रहा हूँ 
की मांग पूरी करते करते  
मांग के खा रहा हूँ  


हम तो खुशियां उधार देने का 
कारोबार करते है,साहब 
कोई वक्त पे लौटाता नहीं है 
इसलिए घाटे मैं है हम 


दो बातें अपने अंदर पैदा कर लो,
एक तो चुप रहना, एक माफ़ काना, 
कियोंकि चुप रहने से बड़ा 
कोई जवाब नहीं और माफ़ 
कर देने से बड़ी कोई सजा नहीं 


जिंदगी की दौड़ मैं 
तजुर्बा कच्चा रह गया 
हम सीख ना पाये फरेब 
और दिल बच्चा ही रह गया 
बचपन जहाँ चाहा हॉस लेते थे 
जहाँ चाहा रो लेते थे 
पर अब मुस्कान को तमीज़
चाहिए, और आसुओ को तन्हाई 

जरूरी नहीं की हर चाहत का मतलब 
इश्क़  ही हो 
कभी कभी अनजान रिस्तो के 
लिए भी दिल बेचैन हो जाता है 



कैसे मिलेंगे हमें चने वाले बताइये 
दुनिया खड़ी है राह मैं दीवार की तरह 
वो बेवफाई करके भी शर्मिंदा न हुए 
सजाए मिली हमें गुनहगार की तरह 


भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत,
तो भूलके तुमको सभालना हमें भी आता है 
मेरी फितरत मैं ये आदत नहीं है वरना,
तेरी तरह बदलना मुझे भी आता है 


बेवफाई उसके दिल से मिटा के आया हूँ 
खत भी उसके पानी मैं बहा के आया हूँ 
कोई पढ़ ना ले उस बेवफा की यादों को 
इसलिए पानी मैं भी आग लगा के आया हूँ 


No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();